Half Set Chay Aur Kuchh Youn He

Format:Paper Back

ISBN:978-93-88434-13-3

Author:Sadan Jha

Pages:132


MRP : Rs. 250/-

Stock:In Stock

Rs. 250/-

Details

हॉफ़ सेट चाय और कुछ यूँ ही

Additional Information

प्रकाश अत्यन्त प्रतिभाशाली कवि और आलोचक थे जिनका दुर्भाग्य से 2016 में दुखद देहावसान हो गया। वे एक भाषा-सजग शिल्प-निपुण कवि और सजग-संवेदनशील आलोचक थे। रज़ा फ़ाउण्डेशन ने उनकी स्मृति में ‘प्रकाश-वृत्ति' स्थापित करने का निश्चय किया जिसके अन्तर्गत सुपात्र और सम्भावनाशील युवा कवियों और आलोचकों की पहली पुस्तकें प्रकाशित करने की योजना है। यह पुस्तक इसी वृत्ति के अन्तर्गत प्रकाशित अनौपचारिक गद्य की है। हिन्दी में औपचारिकता का ऐसा वर्चस्व सा है कि अनौपचारिक अक्सर जगह नहीं पाता। सदन झा का गद्य यहाँ से वहाँ सहज भाव से जाने की विधा है। हमें यह पुस्तक प्रस्तुत करते हुए प्रसन्नता है। -अशोक वाजपेयी

About the writer

Sadan Jha

Sadan Jha सदन झा ने इतिहास की पढ़ाई की है। उनकी दिलचस्पी दृश्य जगत के इतिहास में रही है। जिसमें प्रतीकों यथा राष्ट्रीय झण्डा, चरखा और भारत माता के इतिहास एवं रंगों के बनते बदलते सामाजिक सरोकार दिल के करीबी विषय रहे हैं। इसके अतिरिक्त पिछले कुछ वर्षों से सूरत शहर के नगरीय अनुभवों पर केन्द्रित शोध कर रहे हैं। इनके प्रकाशन हिन्दी तथा अंग्रेज़ी में अकादेमिक और गैर-अकादेमिक दोनों ही क़िस्म के रहे हैं जिसमें इनकी किताब 'रेवरेंस, रेसिस्टेंस एण्ड पॉलिटिक्स ऑफ़ सीइंग इण्डियन नेशनल फ्लैग' (केम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस, 2016) शामिल है। सम्प्रति सूरत स्थित सेण्टर फॉर सोशल स्टडीज़ में एसोसिएट प्रोफेसर के पड़ पर कार्यरत हैं।

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