A Brief History of Vaishnava Saint Poets : The Alwars

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-89012-69-9

Author:DR. P. JAYARAMAN

Pages:108


MRP : Rs. 699/-

Stock:In Stock

Rs. 699/-

Details

A Brief History of Vaishnava Saint Poets : The Alwars

Additional Information

Vaishnavism was developed and popularized by the saintly poets known as ‘Alwars'. There were twelve Alwars and the total number of poems composed by them was 3892. "A Brief History of Vaishnava Saint Poets :The Alwars" presents an introduction to Naalaayira Divya Prabandham, 12 Alwar saints, their lives, works and philosophy. Dr. P. Jayaraman, founder of Bhartiya Vidhya Bhavan, New York has compiled these verses and translated them from Tamil to Hindi and English.

About the writer

DR. P. JAYARAMAN

DR. P. JAYARAMAN संस्कृत, हिन्दी एवं तमिल साहित्य के विद्वान; भारतीय संस्कृति तथा साहित्य की एकात्मता के प्रति समर्पित अठारह वर्ष तक अध्ययन कार्य में रत; बैं¯कग क्षेत्र में जन-सामान्य के हित के लिए भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिन्दी के प्रचार-प्रसार हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रबंध तंत्र में सोलह वर्ष तक कार्यरत; 1980 में न्यू यार्क में भारतीय विद्या भवन की स्थापना कर विगत उनतीस वर्षों से अमेरिका में भारतीय संस्कृति, परम्परा, दर्शन, भाषा, साहित्य एवं कलाओं के प्रचार-प्रसार में संलग्न। शैक्षणिक योग्यता - एम.ए. (संस्कृत तथा हिन्दी); पीएच.डी., डी.लिट्. प्रमुख प्रकाशन – 1.कवि सुब्रमणिय भारती तथा सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के काव्य का तुलनात्मक अध्ययन (पीएच.डी. का शोध प्रबन्ध)। 2.कवि श्री भारती (सुब्रमणिय भारती की चुनी हुई कविताओं का हिन्दी रूपान्तर)। 3.पुरनानूरु (प्राचीन तमिल काव्य) की कथाएँ। 4.स्व. अखिलन के तमिल उपन्यास ‘चित्तिरप्पावै’ का हिन्दी रूपान्तर ‘चित्रित प्रतिमा’ के नाम से (नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित)। 5.तमिल-हिन्दी स्वयं शिक्षक (के. हि. निदेशालय का प्रकाशन)। 6.चिन्मय काव्य (योगी श्री चिन्मय की चुनी हुई अंग्रेज़ी कविताओं का हिन्दी पद्य रूपान्तर)। 7.जैन धर्म, स्वामी विवेकानन्द तथा आधुनिक भारत के निर्माताओं पर अंग्रेज़ी में संपादित ग्रंथ। 8.शिलम्बु (तमिल नाटक - प्राचीन तमिल काव्य शिलप्पधिकारम् पर आधारित) 9.भक्ति के आयाम; वाणी प्रकाशन। सम्मान - साहित्य वाचस्पति (हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग); साहित्य भूषण (उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान); हिन्दी भाषा एवं साहित्य की सेवा के लिए केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, आगरा द्वारा प्रदत्त सम्मान (2006); प्रवासी भारतीय सम्मान, भारत सरकार द्वारा प्रदत्त 2007; पद्मश्री, भारत सरकार द्वारा प्रदत्त (2009)। अन्य सेवायें: आकाशवाणी, मद्रास एवं बंबई में वार्ताकार तथा दूरदर्शन, बंबई में ‘संचयिता’ के नाम से पाक्षिक पत्रिका-कार्यक्रमों के प्रस्तोता (सन 1980 तक)

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