Mai Hun Yahan Hun

Format:Hard Bound

ISBN:978-81-7055-295-6

Author:BHARAT YAYAVAR

Pages:116


MRP : Rs. 80/-

Stock:In Stock

Rs. 80/-

Details

मैं हूँ यहाँ हूँ

Additional Information

ग्रामीण अनुभवों से समृद्ध इस कवि की कविताओं में ग्रामीण परिवेश, मामूली लोग, रफ्ता-रफ्ता तोड़ने वाली स्थितियाँ और अमानवीय अनुभवों का कंटीला सिलसिला है। यह सारा कुछ कवि में आत्मसात है। उसके झेलते क्षण और अनुभव इस तरह कविता में पैबस्त हैं कि इनसे गुजरते हुए अपने भीतर कुछ भुरभुराता हुआ महसूस होता है। दर्द की सर्द अनुभूतियाँ देर तक चेतना को थरथराती रहती हैं। यायावर की कविता एक ओर निचाट सन्नाटों से भर जाती है, तो दूसरी ओर गहरे लगावों से जोड़ती है। ये कविताएँ स्मृतियों के ऐसे संसार में ले जाती हैं, जो कवि का अपना है : ग्रामीण संवेदना का संसार यायावर की कविताओं में गाँव के सामान्य और सहज मन के यादगार चरित्र भी हैं। ये ऐसे चरित्र हैं, जो अपने छोटेपन में महान् लगते हैं। यह कवि के अपने देस-परिवेश से गहरे लगावों के कारण सम्भव हुआ है। ये मामूली लोग 'राम की शक्ति-पूजा' के किमाकार हनुमान हैं, लघु में विराट् यायावर की कविताओं में आत्मीय सम्बन्धों की मार्मिक अनुभूतियाँ हैं, जो कविताओं के प्रति लगाव पैदा करती हैं। स्मृति-गंधों से ये कविताएँ सुवासित हैं। 'बरसात' यायावर की कविताओं में मिथक बनकर आयी है। यह यूँ ही नहीं है कि इन्होंने बरसात को लेकर इतनी कविताएँ लिखी हैं। -चन्द्रेश्वर कर्ण

About the writer

BHARAT YAYAVAR

BHARAT YAYAVAR भारत यायावर जन्म-8 दिसम्बर, 1954 हज़ारीबाग में। प्रारम्भिक जीवन बेहद अभावों और तकलीफ़ में गुजरा। ट्यूशन पढ़ाकर उच्च शिक्षा अजित की। सम्प्रति—चास महाविद्यालय, चास में हिन्दी प्राध्यापक। लम्बे समय से फणीश्वरनाथ रेणु पर शोधकार्य कर रहे हैं। रेणु की असंकलित-अप्रकाशित रचनाओं की पन्द्रह पुस्तकों का संपादन। 'महावीर प्रसाद द्विवेदी रचनावली' एवं 'रेणुरचनावली' के संपादन में आजकल व्यस्त। हिन्दी की प्रमुख साहित्यिक पत्रिका 'विपक्ष' का संपादन। 'बेचैनी' कविता-संग्रह प्रकाशित। सम्पर्क-हिन्दी विभाग, चास महाविद्यालय, चास, बोकारो-827013 (बिहार)

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