Soot Na Kapas

Format:Hard Bound

ISBN:978-81-8143-003-8

Author:DR. DHARAMVEER

Pages:252

MRP:Rs.350/-

Stock:In Stock

Rs.350/-

Details

सूत न कपास

Additional Information

कबीर के अध्ययन की इस श्रृंखला में डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी की सोच का विशेष अध्ययन हो गया है। बात डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी तक भी सीमित नहीं रह गयी है बल्कि इसमें ब्राह्मण की मूल चिन्तन धारा की जानकारी हो गयी है। इस पुस्तक में भ्रम को तोड़ा गया है और बिना छिपाये सच्चाई को साफ-साफ कहा गया है। झाड़ -झंखाड़ काटे गये हैं और काँटों की बाड़ी को हटाया गया है। कथनी को करनी से दूर करने वाले चिन्तन का नाम ले कर उजागर किया गया है। इस पुस्तक को पढ़ कर हर पाठक आश्चर्य करेगा कि हिन्दी साहित्य के अध्ययन में अब तक क्या-क्या होता रहा था।

About the writer

DR. DHARAMVEER

DR. DHARAMVEER महान आजीवक: कबीर, रैदास और गोसाल 2017 कबीर: ‘खसम खुशी क्यों होय?’ 2013 प्रेमचन्द की नीली आँखें 2010 मेरी पत्नी और भेड़िया 2009 दलित चिन्तन का विकास 2007 दूसरों की जूतियाँ 2007 तीन द्विज हिन्दू स्त्रीलिंगों का चिन्तन 2007 चमार की बेटी रूपा 2007 दलित सिविल कानून 2007 दलित आत्मालोचन की प्रक्रिया 2007 ‘जूठन’ का लेखक कौन है? 2006 थेरीगाथा की स्त्रियाँ और डॉ. अम्बेडकर 2005 कामसूत्र की सन्तानें 2005 प्रेमचन्द: सामन्त का मुंशी 2005 अशोक बनाम वाजपेयी: अशोक वाजपेयी 2004 डॉ. अम्बेडकर के प्रशासनिक विचार 2004 सीमन्तनी उपदेश (सम्पादित) 2004 कबीर: सूत न कपास 2003 कबीर के कुछ और आलोचक 2002 कबीर: डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी का प्रक्षिप्त चिन्तन 2000 कबीर और रामानन्द: किंवदंतियाँ 2000 कबीर: बाज भी, कपोत भी, पपीहा भी 2000 कबीर के आलोचक 1997 सन्त रैदास का निर्वर्ण सम्प्रदाय (पुरस्कृत) 1990 हिन्दी की आत्मा 1989 लोकायती वैष्णव विष्णु प्रभाकर (पुरस्कृत) 1987

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