Hindi Vakyavigyan

Format:Hard Bound

ISBN:978-93-89915-14-3

Author:Chaturbhuj Sahay

Pages:368


MRP : Rs. 695/-

Stock:In Stock

Rs. 695/-

Details

हिन्दी वाक्यविज्ञान

Additional Information

भावों और विचारों की अभिव्यक्ति में सामान्य रूप से एकाधिक वाक्यों की सहायता ली जाती है। कभी-कभी एक वाक्य में संपुटित भाव या विचार का ही पल्लवन आगे के वाक्यों में किया जाता है। पाठ का स्वरूप जो भी हो, पाठ में प्रयुक्त वाक्य परस्पर जुड़े होते हैं। भले प्रकट रूप में संयोजकों का प्रयोग पाठ में न हुआ हो तो भी केवल अर्थबल से ही वाक्यों के परस्पर सम्बन्ध प्रतीत होते हैं। संयोजक इन संबंधों को केवल योतित करते हैं। ये कोई नया संबंध या अर्थ पैदा नहीं करते। संयोजकों पर विचार करते समय तर्कशास्त्र के वाक्य कलन की अवधारणाओं का भी उपयोग किया गया है। समानाधिकरण तथा व्यधिकरण संबंधों की अस्थिरता की ओर संकेत किया गया है। इसके साथ संयोजकों के परस्पर साम्य एवं वैषम्य पर भी विचार किया गया है।

About the writer

Chaturbhuj Sahay

Chaturbhuj Sahay चतुर्भुज सहाय जन्म : 13 दिसंबर, 1941 को एक प्रतिष्ठित कायस्थ परिवार में जन्म। स्थान : गाँव-पिलोरी, डाकघर-मिर्ज़ामुराद, जिला-बनारस। शिक्षा : प्राइमरी से हाईस्कूल तक की शिक्षा गाँव में हुई, प्राइमरी स्कूल, जुमआ बाजार, मिर्ज़ापुर एवं किसान इंटर कॉलेज मिर्ज़ामुराद, वाराणसी। आगे की शिक्षा बनारस में पूरी हुई, डी.ए.वी. इंटर कॉलेज तथा डी.ए.वी. डिग्री कॉलेज। एम.ए. (हिंदी) 1960, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, पीएच.डी. (पदमाकरोत्तर रीतिकाव्य) 1966, काशी हिंदू विश्वविद्यालय। पोस्ट एम.ए. डिप्लोमा (भाषा विज्ञान) 1967, आगरा विश्वविद्यालय, आगरा। समर स्कूल्स ऑफ़ लिंग्विस्टिक्स-1965, 1966, 1969, लिंग्विस्टिक सोसायटी ऑफ़ इंडिया, पुणे। अनुसंधान एवं अध्यापन : सन् 1963 से 2003 तक केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा में विभिन्न पदों पर कार्यरत । प्रोफ़ेसर पद से सेवानिवृत्त। सत्र 1991-1992 के दो सेमिस्टरों में विज़िटिंग प्रोफेसर के रूप में मिशिगन विश्वविद्यालय, एन आर्बर, यू.एस.ए. में हिंदी अध्यापन। केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा हिंदी शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम में अध्यापन हेतु श्रीलंका में दो सप्ताह के लिए प्रतिनियुक्त। विषय : भाषा विज्ञान, हिंदी व्याकरण, अन्य भाषा शिक्षण सामग्री निर्माण एवं हिंदी अध्येता कोश। मोबाइल : 09458061616 ई-मेल : drchaturbhujsahai@gmail.com

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