Vayam Rakshamah

Format:Paper Back

ISBN:978-93-5229-781-8

Author:Aacharya Chatursen

Pages:400


MRP : Rs. 375/-

Stock:In Stock

Rs. 375/-

Details

वयं रक्षाम:

Additional Information

‘वयं रक्षामः' में प्राग्वेदकालीन जातियों के सम्बन्ध में सर्वथा अकल्पित अतर्कित नयी स्थापनाएँ हैं, मुक्त सहवास है, विवसन विचरण है, हरण और पलायन है। शिशन देव की उपासना है, वैदिक-अवैदिक अश्रुत मिश्रण है। नर मांस की खुले बाज़ार में बिक्री है, नृत्य है, मद है, उन्मुख अनावृत यौवन है। यह सब मेरे वे मित्र कैसे बर्दाश्त करेंगे भला, जो अश्लीलता की सम्भावना से सदा ही चौंकायमान रहते हैं।

About the writer

Aacharya Chatursen

Aacharya Chatursen जन्म : 26 अगस्त 1891, बुलन्दशहर (उत्तर प्रदेश) मुख्य कृतियाँ : उपन्यास : वैशाली की नगरवधू, सोमनाथ, वयं रक्षामः, गोली, सोना और ख़ून (तीन खंड), रक्त की प्यास, हृदय की प्यास, अमर अभिलाषा, नरमेध, अपराजिता, धर्मपुत्र, देवांगना। नाटक : राजसिंह, मेघनाद, छत्रसाल, गान्धारी, श्रीराम, अमर राठौर, उत्सर्ग, क्षमा। गद्यकाव्य : हृदय की परख, अन्तस्तल, अनुताप, रूप, दुख, माँ गंगी, अनूपशहर के घाट पर, चित्तौड़ के किले में, स्वदेश। आत्मकथा : मेरी आत्मकहानी। कहानी संग्रह : हिन्दी भाषा और साहित्य का इतिहास (सात खंड), अक्षत, रजकण, वीर बालक, मेघनाद, सीताराम, सिंहगढ़ विजय, वीरगाथा, लम्बग्रीव, दुखवा मैं कासों कहूँ सजनी, क़ैदी, आदर्श बालक, सोया हुआ शहर, कहानी ख़त्म हो गयी, धरती और आसमान, मेरी प्रिय कहानियाँ। एकांकी संग्रह : राधाकृष्ण, पाँच एकांकी, प्रबुद्ध, सत्यव्रत हरिश्चन्द्र, अष्ट मंगल। अन्य : आरोग्य शास्त्र, अमीरों के रोग, छूत की बीमारियाँ, सुगम चिकित्सा, काम-कला के भेद (आयुर्वेदिक ग्रन्थ), सत्याग्रह और असहयोग, गोलसभा, तरलाग्नि, गाँधी की आँधी (पराजित गाँधी), मौत के पंजे में ज़िन्दगी की कराह (राजनीति)। इनके अतिरिक्त प्रौढ़ शिक्षा, स्वास्थ्य, धर्म, इतिहास, संस्कृति और नैतिक शिक्षा पर कई महत्त्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं। निधन : 2 फ़रवरी, 1960।

Books by Aacharya Chatursen

Customer Reviews

No review available. Add your review. You can be the first.

Write Your Own Review

How do you rate this product? *

           
Price
Value
Quality