Jansatta | Hindi Sahitya Ka Itihas Adhayayan Ki Nayi Drishti - Doosra Padav


    Date: 19-8-2020

    "बाबासाहेब अम्बेडकर का यह नारा 'शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो' दलित साहित्य का मूल मन्त्र है। हिन्दी दलित साहित्य में प्रसिद्ध ‘जूठन’ आत्मकथा में ओमप्रकाश वाल्मीकि शिक्षा से स्वाभिमान प्राप्ति की बात करते हैं। दलित साहित्य आदर्शवादी साहित्य नहीं है। उसमें आक्रोश, वेदना और करुणा है। "- राजेश पासवान



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