Amar Bharti| Hindi Sahitya Ka Itihas Adhayayan Ki Nayi Drishti - Doosra Padav


    Date: 19-8-2020


    "हिन्दी में जिन रचनाकारों के ऊपर मार्क्सवाद का असर सबसे अधिक है उनमें प्रेमचंद, रांगेय राघव, राहुल सांकृत्यायन, यशपाल, मुक्तिबोध, रामविलास शर्मा का नाम लिया जा सकता है। यों प्रगतिशील कविता और साहित्य में तो मार्क्सवाद है ही लेकिन मार्क्सवाद अपनी जन पक्षधर छवि के साथ प्रयोगवाद, नई कविता और समकालीन कविता में भी दिखाई देता है।" - वैभव सिंह



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